उज्जैन

Ujjain Poisonous Alcohol Case: उज्जैन शराब कांड के मुख्य आरोपित सिकंदर और गब्बर के मकान तोड़े

Publish Date: | Sat, 17 Oct 2020 03:22 PM (IST)

Ujjain Poisonous Alcohol Case उज्जैन(नईदुनिया प्रतिनिधि)। जहरीली शराब पीने से हुई मौतों के मामले में शनिवार को बड़ी कार्रवाई हुई। केस में मुख्य आरोपित बनाए गए सिकंदर और गब्बर के अवैध मकानों को प्रशासन और नगर निगम के दल ने तोड़ दिया। वहीं पुलिस के दो आरक्षकों को भी सहआरोपित बनाते हुए दोनों पर गैर इरादतन हत्या की धारा में केस दर्ज किया गया है। इसके अलावा दो अन्य आरक्षक निलंबित कर दिए गए हैं। विशेष जांच दल (एसआइटी) की जांच जारी है। नगर निगम के दो अधिकारियों पर निलंबन की कार्रवाई की जा सकती है।

बता दें कि बुधवार और गुरुवार को जहरीली शराब पीने से 14 लोगों को मौत हो गई थी। इनमें से 13 मजदूर थे, वहीं एक ठेला लगाने वाला था। मौतों के बाद शासन की ओर से एसआइटी का गठन किया गया था। एसआइटी में शामिल गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. राजेश राजौरा, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक एसके झा एवं रतलाम रेंज के पुलिस उप महानिरीक्षक सुशांत सक्सेना ने शनिवार को भी कई बिंदुओं पर जांच की। इसके अलावा कई लोगों के बयान दर्ज किए।

आरक्षकों की मिलीभगत, केस दर्ज

जहरीली शराब से मौत का मामले सामने आने पर गुरुवार को एसपी मनोज सिंह ने खाराकुआं थाना प्रभारी एमएल मीणा, एसआइ निरंजन शर्मा, आरक्षक शेख अनवर और आरक्षक नवाज शरीफ को निलंबित कर दिया था। शनिवार को शेख अनवर और नवाज शरीफ को भी सह आरोपित बना लिया गया। इन पर गैर इरादतन हत्या और आबकारी एक्ट में मुकदमा दर्ज किया गया है। वहीं महाकाल थाने में पदस्थ आरक्षक सुदेश खोड़े और इंद्रविक्रम सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। अब तक की जांच में यह स्पष्ट हो गया है कि आरक्षकों की मिलीभगत से आरोपित सिकंदर, युनूस और गब्बर जहरीली शराब बनाकर उसे बेचते थे।

भारी बल के साथ तोड़ा मकान

शनिवार सुबह पुलिस ने आरोपित सिकंदर के जूना सोमवारिया स्थित और गब्बर के हेलावाड़ी स्थित मकान को तोड़ दिया। इस दौरान बड़ी संख्या में पुलिस बल और निगम का अमला मौजूद था। दल ने पहले गब्बर और फिर सिकंदर का मकान तोड़ा। दो दिन से फरार चल रहे सिकंदर को पुलिस ने गिरफ्तार भी कर लिया है। अधिकारी उससे पूछताछ कर रहे हैं। एसपी मनोज सिंह ने बताया कि पूछताछ के बाद और भी राज खुल सकते हैं।

निगम के अधिकारी भी जांच के घेरे में

जहरीली शराब नगर निगम के पुराने कार्यालय में बनाई जा रही थी। इसकी देखरेख का जिम्मा संभालने वाले अधिकारियों पर भी निलंबिन की कार्रवाई हो सकती है। हालांकि अधिकारियों ने बताया वे सभी जिम्मेदारों की भूमिका की जांच कर रहे हैं।

Posted By: Hemant Kumar Upadhyay

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