उज्जैन

फर्ज और इंसानियत की मिसाल आटोवाली डाक्टर

Publish Date: | Mon, 03 May 2021 10:59 PM (IST)

धीरज गोमे। उज्जैन (नईदुनिया)

आटो में बैठी डा. सोबिया अंसारी और डा. रुखसार शेख यूनानी मेडिकल आफिसर हैं, जो यहां आटोवाली डाक्टर के नाम से सुर्खियां बंटोर रही है। कोरोना संक्रमण के इस नाजुक दौर में अपनी जान की परवाह न कर मरीजों के इलाज की खातिर रोज आटो से इंदौर-उज्जैन अपडाउन कर रही हैं। वो भी रोजे के वक्त 35 से 41 डिग्री तापमान में। जिसमें वे रोजे की परंपरानुसार खाना छोड़ एक बूंद पानी भी नहीं पीती। इन हालातों में भी जुबां पर सिर्फ एक प्रार्थना है कि देश कोरोना मुक्त हो और जनजीवन पहले की तरह सामान्य।

डा. सोबिया और डा. रुखसार दोनों सहेलियां हैं। दोनों का गृहनगर इंदौर है और इनकी नियुक्ति तीन महीने पहले ही राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन अंतर्गत उज्जैन जिला चिकित्सालय में बतौर मेडिकल आफिसर हुई थी। इन्होंने नईदुनिया को बताया कि पहले बस से उज्जैन-इंदौर अपडाउन कर लिया करते थे। यहां रहने को मकान देख ही रहे थे कि कर्फ्यू लग गया। पवित्र रमजान का माह भी शुरू हो गया। डाक्टरी पेशे के प्रति फर्ज निभाना था इसलिए बगैर एक दिन की छुट्टी मनाए बस न मिलने पर आटो से अपडाउन शुरू किया। 15 अप्रैल से आटो से ही आना जाना कर रहे हैं। इसमें रोज 800 रुपया खर्चा होता है। पर खुशी इस बात की भी रहती कि इससे आटोवाले का भला होता है। दोनों की ड्यूटी फिलहाल उज्जैन के सांदीपनि चौराहा स्थित सेंट झेवियर स्कूल परिसर में संचालित माधवनगर अस्पताल की ओपीडी में लगी है। जहां मरीजों की स्क्रीनिंग कर उन्हें आवश्यक दवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। प्रतिदिन 150 से 200 मरीजों को देख रहे हैं। उज्जैन आने के लिए सुबह सहरी कर 6 बजे घर से निकल जाते हैं। आटोवाला पहले घर से डा. रुखसार को पिक करता है फिर सोबिया को। अभी मजबूरी में अपडाउन करना पड़ रहा है। क्योंकि उज्जैन में न घर है और अलग रहने को सामान। हालात पहले की तरह सामान्य होते ही यहां घर लेंगे।

पुलिस ने पकड़ ली थी आटो, डा. कुमरावत के प्रयास से छूटी थी

बीते सप्ताह जब दोनों डाक्टर आटो से उज्जैन आ रही थीं तो माधवनगर पुलिस ने आटो जब्त कर ली थी। पुलिसवालों को बताया था कि हमारी यहां ड्यूटी है और मजबूरी में गाड़ी न होने से आटो से आ रहे हैं, फिर भी उन्होंने एक न सुनी। उनका कहना था कि आटोवाले के पास अनुमति पत्र होना चाहिये। मामला माधवनगर अस्पताल में पदस्थ डा. संजीव कुमरावत तक पहुंचा। उन्होंने लायंस क्लब के एक साथी की मदद से आटो को छुड़वाया और आटोवाले को अपडाउन का पास भी दिलाया।

Posted By: Nai Dunia News Network

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