उज्जैन

कोरोना से जंग में धीरे-धीरे जीत की ओर कदम बढ़ा रहा उज्जैन

Publish Date: | Tue, 04 May 2021 12:04 AM (IST)

उज्जैन (नईदुनिया प्रतिनिधि)। कोरोना से लड़ाई लड़ रहा उज्जैन धीरे-धीरे जीत की ओर बढ़ रहा है। ये सब संभव हुआ है कोरोना को हराने के अब हर पार्ट पर इंतजाम किए जाने से। अस्पतालों में बेड की संख्या बढ़ाना, जरूरतमंदों को मेडिकल आक्सीजन और रेमडेसिविर इंजेक्शन की आपूर्ति कराना, होम आइसोलेशन में ही मेडिकल सुविधाएं मुहैया कराना और डोर टू डोर सर्वे कराकर 6360 कोरोना संदिग्ध लोगों का पता लगाना, ऐसे ही कुछ जतन है जिनकी वजह से जनजीवन पहले की तरह सामन्य होने की उम्मीद जाग रही है। बीते तीन दिनों में कोरोना पाजीटिव मरीजों की संख्या में गिरावट आना, जितने मरीज मिल रहे, उससे ज्यादा मरीजों का ठीक होना भी एक अच्छा संकेत है। डाक्टर और अफसरों को कहना है कि कोरोना संक्रमण अब न फैले, इसके लिए लोग अपने घरों में रहे। सभी मास्क पहने और एक-दूसरे से दूरी बनाकर रहें। कोविड गाइडलाइन ओर कर्फ्यू नियमों का पालन कर लेंगे तो उज्जैन कोरोना मुक्त जल्द हो जाएगा।

कोराना मुक्त उज्जैन अभियान : घर-घर दस्तक देने पर मिले 6360 मरीज, सभी को दी मेडिसिन कीट

कोरोना मुक्त उज्जैन अभियान में यहां घर-घर दी गई दस्तक में 6360 लोग बीमार मिले हैं, जिन्हें प्रशासन ने घर बैठे ही इलाज के लिए जरूरी मेडिसीन किट उपलब्ध कराई है। कईयों का तो नियमित रूप से फालोअप लिया जा रहा है। दल दोबारा उनके घरजाकर पूछ रहा है कि आपकी तबियत कैसी है। पहले से ठीक लग रहा है या नहीं। जवाब से वरिष्ठ अधिकारियों को लिखित में अवगत कराया जा रहा है। मालूम हो कि 21 लाख आबादी वाले उज्जैन जिले को कोरोना मुक्त घोषित करने के लिए कलेक्टर ने स्कूली शिक्षक, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, स्वास्थ्यकर्मियों के 2039 दल बनाकर 26 अप्रैल से कोरोना मुक्त उज्जैन अभियान शुरू कराया था। हर दल में चार से पांच सदस्य रखे गए थे, जिन्हें जिम्मेदारी दी थी कि वे पांच दिन में जिले के हर घर पर जाकर बीमार लोगों की जानकारी जुटाए। उसकी रिपोर्ट अपने सीनियर अधिकारी को दे और बीमार लोगों को घर बैठे ही मेडिसीन कीट मुहैया कराएं। एक दल को 250 मकान का सर्वे करने को कहा था। बीते सात दिनों में जिले के तकरीबन 5 लाख 9750 घरों में से 3 लाख 9708 घरों का सर्वे कर लिया है। इसमें 6360 लोग सर्दी, खांसी और बुखार से पीड़ित मिले हैं। कोरोना संदिग्ध मानकर इन्हें फिलहाल मेडिसीन कीट मुहैया कराई है। गंभीर लक्षणवालों का कोविड टेस्ट कराए जाने की भी खबर है। शुरूआती दो-तीन दिन में जो बीमार मिले थे और जिन्हें मेडिसीन किट उपलब्ध कराई थी, उनका नियमित रूप से फालोअप लिया जा रहा है।

यह भी जानिये

21 लाख आबादी वाले उज्जैन जिले में अब तक 244289 लोगों का कोरोना टेस्ट किया गया है। इनमें से 13,609 लोग कोरोना संक्रमित पाए गए हैं। 10605 इलाज कराने पर ठीक हो चुके हैं। अच्छी खबर यह है कि नए कोरोना मरीजों की संख्या घटने लगी है। कोरोना हेल्प बुलेटिन के अनुसार 29 अप्रैल को 332, 30 अप्रैल को 284, 1 मई को 262, 2 मई को 233 नए पोजीटिव मरीज मिले हैं। बुरी खबर यह है कि कोरोना के कारण अब तक 150 लोगों की मौत हो चुकी है, हालांकि कोरोना हेल्थ बुलेटिन के ये आंकड़े कोविड प्रोटोकाल में निस्तारित शवों की संख्या में बहुत कम है।

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संक्रमण की चेन तोड़ने को ये प्रयास रंग भी लाए

– उज्जैन शहर में कोविड बेड की संख्या 850 से बढ़ाकर 1500 की। खास बात यह है कि आक्सीजन बेड की संख्या भी इसी अनुपात में बढ़ाई गई है। माधवनगर अस्पताल के सभी 220 बेड अब आक्सीजन सपोर्टेड बेड हैं।

– कम लक्षण वाले कोरोना संक्रमित मरीजों का इलाज होम आइसोलेशन में रखकर कराया, जिससे 2500 से अधिक लोग घर में रहकर ठीक हो गए। अभी 2100 मरीज इलाज करा रहे हैं।

– नागदा, बड़नगर, महिदपुर सहित सभी तहसीलों के शासकीय अस्पतालों भी आक्सीजन बेड़ की व्यवस्था बढ़ाई।

– 200 कोरोना वालेंटियर नियुक्त किए, जिन्होंने घर-घर जाकर लोगों को टीकाकरण कराने, मास्क पहनने और होम क्वारंटाइन मरीजों के घर दोनों वक्त निःशुल्क भोजन पहुंचाने का काम किया।

– योग शिक्षकों द्वारा होम आइसोलेट मरीजों का मनोबल बढ़ाना और उन्हें मानिसक रूप से स्वस्थ रखने के लिए योग कराना।

– देवास के अमलतास अस्पताल में उज्जैन के मरीजों के इलाज के लिए 180 बेड आरिक्षत किए हैं।

– आक्सीजन की कमी मिटाने को प्रशासन ने 354 आक्सीजन कांसेंट्रेटर मशीन खरीदकर और 30 मशीन नागदा ग्रेसिम उद्योग से सामाजिक सहायता स्वरूप प्राप्त कर शासकीय अस्पतालों में मरीजों के लिए मुहैया कराई है।

– होम क्वारंटाइन, कोरोना संक्रमित मरीज के घर से जो सदस्य घर से बाहर निकले हैं, उन पर एफआईआर की है।

– कोविड गाइडलाइन ओर कर्फ्यू नियमों का पालन न करने वालों से जुर्माना वसूला है और धारा 188 में केस भी दर्ज किया है।

– 21 अप्रैल से कर्फ्यू नियमों में सख्ती की है, जिसे कारण नए पाजीटिव मरीजों की संख्या 29 अप्रैल के बाद लगातार घटती नजर आ रही है।

Posted By: Nai Dunia News Network

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